B.Ed Course New Rules 2026: शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा बदलाव

B.Ed Course New Rules 2026: भारत में टीचर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए आने वाला शैक्षणिक सत्र कई अहम बदलाव लेकर आ रहा है। National Council for Teacher Education यानी NCTE ने शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से चार वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड जैसे एकीकृत कोर्सों में अब नए प्रवेश नहीं होंगे।

इनकी जगह एक नया पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, जिसे एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम यानी ITEP नाम दिया गया है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य देश को अधिक सक्षम और व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित शिक्षक देना है।

B.Ed Course New Rules 2026

बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स क्यों किए जा रहे हैं बंद

अब तक बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स उन छात्रों के लिए उपयोगी थे जो ग्रेजुएशन के साथ-साथ शिक्षक बनने की तैयारी करना चाहते थे। लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि इन पाठ्यक्रमों में व्यवहारिक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक कक्षा आवश्यकताओं की कमी है।

इसी वजह से NCTE ने तय किया है कि इन पुराने कोर्सों को धीरे-धीरे समाप्त कर एक नया और अधिक समग्र कार्यक्रम शुरू किया जाए। हालांकि जिन छात्रों ने पहले से इन कोर्सों में दाखिला ले रखा है, उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह नियम केवल नए प्रवेश पर लागू होगा।

ITEP क्या है और यह कैसे अलग है

एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम यानी ITEP चार साल का नया कोर्स होगा, लेकिन इसकी संरचना पुराने कोर्सों से ज्यादा आधुनिक और व्यावहारिक होगी। इस कार्यक्रम में विषय ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण कौशल, कक्षा प्रबंधन, बाल मनोविज्ञान और डिजिटल लर्निंग पर खास फोकस रहेगा। इसका मकसद यह है कि भविष्य के शिक्षक सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक स्कूल वातावरण को समझकर प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें।

नए कार्यक्रम में किन छात्रों को मिलेगा मौका

ITEP की एक अहम खासियत यह है कि अब केवल आर्ट्स और साइंस बैकग्राउंड के छात्र ही नहीं, बल्कि कॉमर्स यानी बीकॉम करने वाले विद्यार्थी भी शिक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे शिक्षा क्षेत्र में विविधता आएगी और अलग-अलग विषयों की समझ रखने वाले शिक्षक स्कूलों को मिल सकेंगे। इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा, क्योंकि उन्हें अधिक व्यावहारिक और विषय-विशेषज्ञ शिक्षक मिल पाएंगे।

नए सिलेबस में क्या होगा खास

ITEP के तहत सिलेबस को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। इसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को भी बराबर महत्व दिया जाएगा। छात्रों को स्कूलों में इंटर्नशिप, कक्षा अवलोकन और वास्तविक शिक्षण अनुभव से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन टीचिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टूल्स और आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियां भी पढ़ाई का हिस्सा होंगी। बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को समझने के लिए समावेशी शिक्षा और बाल मनोविज्ञान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर

ITEP लागू होने से देश की शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता सुधार की उम्मीद की जा रही है। बेहतर प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सोचने-समझने और समस्या सुलझाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। इससे स्कूलों में पढ़ाई अधिक व्यावहारिक और जीवन से जुड़ी होगी। लंबे समय में यह बदलाव भारतीय शिक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब ले जाने में मदद कर सकता है।

B.Ed Course New Rules 2026 दो साल के बीएड कोर्स को लेकर स्थिति साफ

इस बदलाव के बाद कई छात्रों के मन में यह सवाल है कि क्या दो साल का पारंपरिक बीएड कोर्स भी बंद हो जाएगा। फिलहाल ऐसा नहीं है। स्नातक के बाद किया जाने वाला दो वर्षीय बीएड कोर्स वर्ष 2030 तक जारी रहेगा। यानी जो छात्र अभी बीए, बीएससी या बीकॉम कर रहे हैं, वे आगे चलकर दो साल के बीएड में दाखिला ले सकते हैं। हालांकि 2030 के बाद शिक्षक बनने के लिए केवल चार साल का एकीकृत कार्यक्रम अनिवार्य किया जा सकता है।

B.Ed Course New Rules 2026 संस्थानों के लिए आवेदन प्रक्रिया

जो कॉलेज और विश्वविद्यालय ITEP शुरू करना चाहते हैं, उन्हें NCTE की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन करना होगा। इसके लिए संस्थानों को अपनी मान्यता, इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क जमा करना जरूरी होगा। NCTE ने इसके लिए अंतिम तिथि 5 मार्च तय की है।

छात्रों को क्या सावधानी रखनी चाहिए

जो विद्यार्थी 2025-26 से शिक्षक प्रशिक्षण शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यह जरूर जांच लेना चाहिए कि उनका कॉलेज या विश्वविद्यालय नए ITEP कोर्स के लिए मान्यता प्राप्त है या नहीं। साथ ही कोर्स की संरचना, प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाओं की पूरी जानकारी पहले से समझ लेना जरूरी है। जो छात्र पहले से बीए-बीएड या बीएससी-बीएड में पढ़ रहे हैं, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

बदलाव का असली मकसद

सरकार और NCTE का उद्देश्य साफ है कि देश को ऐसे शिक्षक मिलें जो 21वीं सदी की जरूरतों को समझते हों। नया एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम पुराने पाठ्यक्रमों की कमियों को दूर करेगा और शिक्षकों को तकनीकी रूप से मजबूत व व्यवहारिक रूप से सक्षम बनाएगा। इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।

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